Tuesday

राजनीति में 'युवा तुर्क' किन्हें कहा जाता है ?

राजनीति में युवा तुर्क उन युवा कार्यकर्ताओं के लिये प्रयोग होता है, जो पुराने लोगों की सत्ता को चुनौती देते हैं तथा उसे बदलकर सुधार करना चाहते हैं । विशेष रूप से किसी राजनीतिक दल के ऐसे युवा विद्रोही एवं अशांत अपेक्षाकृत युवक जो दल के पुराने महारथियों को चुनौती देते हैं, युवा तुर्क कहलाते हैं ।

मूलतः युवा तुर्क शब्द का प्रयोग तुर्की में उस्मानी राज्य के समय 1908 में उभरे सुधारवादियों के लिये प्रयोग किया गया था ।

Thursday

साउंड बिट टी.वी. क्या होता है ?

जब बच्चे आवश्यकता से अधिक टी.वी. देखते हैं तो ऐसे बच्चे कक्षा में ध्यान नहीं दे पाते । ऐसे प्रदर्शन को साउंड बिट टी.वी. कहते हैं । ये बच्चे अक्सर खाने-पीने में भी अन्य बच्चों की अपेक्षा कमजोर होते हैं । वास्तव में दृश्य और श्रृव्य ही इनका भोजन होता है । ये कक्षा में किसी भी विषय में ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते । इसके अतिरिक्त अगर इन्हें अधिक टी.वी. देखने से रोका जाये तो ये चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगते हैं ।

Friday

दलित मारे और जलाए गये ! Shhhh... चुप रहो तुम्हें क्या पड़ी है ? दलित ही तो हैं

हिसार(हरियाणा) के गांव मिर्चपुर में जातीय हिंसा की घटना । दबंगों(जाट समुदाय) ने दलित बस्ती में मार-पीट कर बाप-बेटी को मार डाला और बस्ती में आग लगाकर उसे खाक कर दिया ।

अभी किसी को बताओ तो कहेगा "बेहद शर्मनाक, बहुत गलत हुआ । इस अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ।"

हाँ अगर अभी मामला माला प्रकरण का होता, सानिया की शादी का होता या IPL तो लोग रो-रो पड़ते । अख़बार में और समाचारों में पूरे हफ्ते भर छा जाते बोल बोलकर । रोजाना हफ्ते भर 10-20 कवितायें लिखी जाती माला प्रकरण पर या सानिया प्रकरण पर और लेख लिख लिख कर हफ्ते भर गला फाड़ फाड़ कर डटे रहते ।

लेकिन जी अब दलित बस्ती में ही तो आग लगी है । लगने दो, अब ऐसी घटनाएं तो आये दिन होती रहती हैं । कौन ध्यान दे ? कौन कविता करे या लेख लिखे ? भाड़ में जाए ...देखना अभी चार दिन रोयेंगे और फिर चुप हो जायेंगे आग में झुलसने वाले । मामला भी रफा दफा हो जाएगा देखना । वैसे भी पुलिस का और दबंगों का कभी कोई कुछ बिगाड़ पाया है । जो अब बिगाड़ पायेगा ।

है ना ?

अब भाई किसी ने कहा था कि तुम दलित लोग इन दबंगों से कुछ कहो । भूल जाते हो कि तुम अभी दलित हो । भाई पुलिस उनकी, राजनीति उनकी और तादात ज्यादा उनकी, फिर किसने कहा था कि अपनी इज्जत की खातिर उनसे चुप रहने को कहो ।

देखो हम बस इतना कर सकते हैं कि आरक्षण नहीं होना चाहिए, विषय पर लेख लिख दें । सानिया की शादी हुई जा रही है उस पर अपने विचार दें, IPL के जादू के साथ अपना जादू कायम रखें । माला प्रकरण पर, हाथी प्रकरण पर या पार्क प्रकरण पर ढेर सारे कार्टून, लेख और कविताओं से दम भर दें ।

लेकिन इस दलित बस्ती प्रकरण पर हम यही कह सकते हैं कि "बेहद शर्मनाक, असमाजिक और अपराधिक मामला है । इसमें दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए ।" वो भी कोई लेख लिख कर हमारे सामने रख दे तो ।


क्यों भाइयों और बहनों सही कहा ना ?

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क्या कहा पूर्ण जानकारी चाहिए ?
लो ये लिंक है जानकारी की खातिर :

संसद में गूंज रही हरियाणा की जातीय हिंसा

Saturday

Download Books

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Thursday

विश्व स्तरीय पर्यावरण से जुडी स्वंयसेवी संस्थाएं

पेनोस
ग्रीनपीस
नेशनल इन्वायरनमेंटल ट्रस्ट ग्रेस
अर्थ राइट्स इंटरनेशनल
ग्रीनक्रोस इंटरनेशनल
ग्रीन पावर
डाउन टू अर्थ
अर्थ फर्स्ट
क्रिएटिव एनवायरनमेंटल