Friday

दलित मारे और जलाए गये ! Shhhh... चुप रहो तुम्हें क्या पड़ी है ? दलित ही तो हैं

हिसार(हरियाणा) के गांव मिर्चपुर में जातीय हिंसा की घटना । दबंगों(जाट समुदाय) ने दलित बस्ती में मार-पीट कर बाप-बेटी को मार डाला और बस्ती में आग लगाकर उसे खाक कर दिया ।

अभी किसी को बताओ तो कहेगा "बेहद शर्मनाक, बहुत गलत हुआ । इस अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ।"

हाँ अगर अभी मामला माला प्रकरण का होता, सानिया की शादी का होता या IPL तो लोग रो-रो पड़ते । अख़बार में और समाचारों में पूरे हफ्ते भर छा जाते बोल बोलकर । रोजाना हफ्ते भर 10-20 कवितायें लिखी जाती माला प्रकरण पर या सानिया प्रकरण पर और लेख लिख लिख कर हफ्ते भर गला फाड़ फाड़ कर डटे रहते ।

लेकिन जी अब दलित बस्ती में ही तो आग लगी है । लगने दो, अब ऐसी घटनाएं तो आये दिन होती रहती हैं । कौन ध्यान दे ? कौन कविता करे या लेख लिखे ? भाड़ में जाए ...देखना अभी चार दिन रोयेंगे और फिर चुप हो जायेंगे आग में झुलसने वाले । मामला भी रफा दफा हो जाएगा देखना । वैसे भी पुलिस का और दबंगों का कभी कोई कुछ बिगाड़ पाया है । जो अब बिगाड़ पायेगा ।

है ना ?

अब भाई किसी ने कहा था कि तुम दलित लोग इन दबंगों से कुछ कहो । भूल जाते हो कि तुम अभी दलित हो । भाई पुलिस उनकी, राजनीति उनकी और तादात ज्यादा उनकी, फिर किसने कहा था कि अपनी इज्जत की खातिर उनसे चुप रहने को कहो ।

देखो हम बस इतना कर सकते हैं कि आरक्षण नहीं होना चाहिए, विषय पर लेख लिख दें । सानिया की शादी हुई जा रही है उस पर अपने विचार दें, IPL के जादू के साथ अपना जादू कायम रखें । माला प्रकरण पर, हाथी प्रकरण पर या पार्क प्रकरण पर ढेर सारे कार्टून, लेख और कविताओं से दम भर दें ।

लेकिन इस दलित बस्ती प्रकरण पर हम यही कह सकते हैं कि "बेहद शर्मनाक, असमाजिक और अपराधिक मामला है । इसमें दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए ।" वो भी कोई लेख लिख कर हमारे सामने रख दे तो ।


क्यों भाइयों और बहनों सही कहा ना ?

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क्या कहा पूर्ण जानकारी चाहिए ?
लो ये लिंक है जानकारी की खातिर :

संसद में गूंज रही हरियाणा की जातीय हिंसा

13 comments:

M VERMA said...

पुलिस का और दबंगों का कभी कोई कुछ बिगाड़ पाया है ।
शायद इस तरह की घटनाएँ दबंगई साबित करने के लिये भी होता है.

लवली कुमारी/Lovely kumari said...

लानत है ..जाने कब बदलेगा सब ...हम सब दोषी है जो इन घटनाओं को चुपचाप देखने के लिए अभिशप्त है

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

सरकार को चाहिए की ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों को सरे आम फांसी पर लटका दें ! ये अजीब बात है कि कृषि उपज में हरयाणा सबसे आगे रहता है...पर यही वो राज्य है जो कन्या भ्रूण हत्या के मामलों में भी सबसे आगे है ....और अब ऐसी घटना...
नौकरी में आरक्षण दिलाने के लिए तो सरकार पागल हुए जाती है .... कुछ गैर जाट समुदाय के लोगों को पुलिस में भर्ती करवाएं तो शायद धीरे धीरे ये सब कम हो .... by the way ... हमारी "बहनजी" का इसमें क्या कहना है ?

अनिल कान्त : said...

iske liye poora samaj jimmedar hai....sirf akeli bahan ji ke kahne par sab nirbhar nahi karta

राज भाटिय़ा said...

बहुत गलत हुआ,हम इसे शर्मनाक ही कहेगे.
आप का धन्यवाद इस खबर को हम तक पहुचाने के लिये.

Ratan Singh Shekhawat said...

यही घटना या इसकी थोड़ी सी भी यदि गुजरात में घट जाती तब देखते -क्या बवंडर मचता ,टी वी वाले चीख चीख कर बताते, कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नींद नहीं आती , कथित धर्मनिरपेक्ष नेताओं में गुजरात दौरों की होड़ लग जाती पर अफ़सोस यह घटना एक धर्मनिरपेक्ष और दलित हिमायती दल के शासन वाले राज्य में हुई है इसलिए इसे दबाना जरुरी है , खबर कैसे बने ? इस खबर से किस दल को फायदा ?

Dr. Ayaz ahmad said...

ऐसे प्रकरण दलितो के साथ इस देश मे हमेशा से होते आए है

Dr. Ayaz ahmad said...

गुजरात मे भी अभी तक इस तरह के ज़ुल्म दलितो के साथ जारी है

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बहुत मुश्किल है दिलोदिमाग़ को बदल पाना...

Tarkeshwar Giri said...

Dr Ayaz Ahmad. Mushlim Desho main to Musalamano ke sath bhi atyachar hota hai. Akhir Gujrat main hi kyon. Gujrat se jyade musalman Pakistan main mare jate hain


Rahi bat Insan -insan hota hai use Jati gat rajniti se uper uth karke sochana chahiye.

दिगम्बर नासवा said...

BAHUT HI SHARMNAAK HAI YE ... PAR MEDIA BHI ISKO KHAAS NAHI DIKHA RAHA .. IPL MEIN JO BUSY HAI ...

निर्मला कपिला said...

शर्मनाक मगर उस से भी शर्मनाक बात है कि हम फिर भी चुप हओं आभार । बहुत दिन बाद आने के लिये क्षमा चाहती हूँ।

Satish said...
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