सर्वप्रथम तो मैं आपको बता दूँ कि किसी ब्लॉग या वेबसाइट को बेचना इतना आसान नहीं । किसी ब्लॉग या वेबसाइट की कीमत कई बातों से जुडी होती है । किसी ब्लॉग या किसी वेबसाइट के मालिक ये सोचते हैं कि हम किसी वेबसाइट या ब्लॉग को बेच कर बहुत आसानी से पैसा कमा सकते हैं लेकिन यह इतना आसान नहीं ।
बहुत से लोगों का मानना है कि गूगल पेज रेंक, बैक लिंक, अच्छा कंटेंट ब्लॉग की कीमत बढाता है । माना इन बातों का फर्क पड़ता है किन्तु यहाँ कुछ गलतफहमियाँ दूर कर लेनी चाहिए, जैसे :
यदि दो ब्लॉग हैं जिसमें एक ब्लॉग की बहुत अच्छी पेज रेंक है, अच्छा कंटेंट है और बहुत अधिक संख्या में विजिटर्स हैं लेकिन उससे कमाई नहीं होती । एक अन्य ब्लॉग है जिसका पेज रेंक पहले ब्लॉग से कम है लेकिन उसके विजिटर्स और रिवेन्यू अच्छा है तो निसंदेह दूसरे ब्लॉग को खरीदने वाले बहुत होंगे और उसकी कीमत भी अधिक होगी ।
अतः किसी ब्लॉग को खरीदने वालों को जो बात आकर्षित करती है, वह है : ट्रैफिक और रिवेन्यू ।
यदि आप अपना ब्लॉग बेचना चाहते हैं और आपको उसके बाज़ार में जाना है तो आप Flippa.com पर जा सकते हैं । आपको यहाँ अपना ब्लॉग या वेबसाइट बेचने के लिये आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा । आपको इसके लिये लगभग $150 देने होंगे । जब वहाँ आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग की लिस्टिंग कर देंगे तो वहाँ आपके ब्लॉग की कीमत लगेगी और जब आप बेचना चाहे, तब आप उचित समय पर बेच सकते हैं ।
एक और जगह है जहाँ ब्लॉग या वेबसाइट की खरीद फरोख्त कर सकते हैं । यह एक फोरम है Digital Point । यहाँ आपको कोई फीस नहीं देनी होगी । लेकिन यहाँ ब्लॉग को खरीदने वाले असली लोगों की थोड़ी कमी है ।
इनके अलावा भी इंटरनेट पर ब्लॉग या वेबसाइट को खरीदने वाले हैं लेकिन वहाँ इतनी अधिक कामयाबी नहीं मिलती जितनी कि उपरोक्त दोनों जगहों पर मिलती है ।
वैसे क्या किसी ने अपना कोई ब्लॉग या वेबसाइट अब तक बेचीं है ?
देवदास के बहाने
1 day ago








11 comments:
ये जानकारी तो बिल्कुल नयी रही !!
नयी जानकारी है अनिल जी ............ पता नही था की बेचा भी जा सकता है ........ पर खरीदेगा कौन .....
nayee jankaari shukriya.
blog bechana mujhe to esa lagtaa he jese koi apnaa imaan bech rahaa ho...//pataa nahi ese bhi log hote he jo peso ke liye apne vichaar bechane me pichhe nahi hatate.kher..jo bhi ho agar kisi ne bechaa ho to use saamne aana chaahiye taaki doosare is baare me soch sake../ par bhai me to kabhi nahi bechunga..vese bhi apne ko dhandhaa karne me koi ruchi nahi.
नई जानकारी
नयी जानकारी है
वैसे तमाम ऐसे ब्लॉगर भी होते हैं जो कमाई के उद्देश्य से लिखते हैं. यह पोस्ट उन ब्लॉगर भाइयों/बहनो के लिए उपयोगी साबित होगी.
नई जानकारी...बिक जाये तो टंटा छूटे रोज रोज का. :)
ना जी मेरी कविता और लेख मेरी संतानें हैं... संतानें कोई बेचता है भला ब्लॉग के पिंजड़े में बंद करके???
जय हिंद...
लो कल्लो बात , अनिल भाई हमने तो सोचा है अबके हाट पे , एक टोकरी में ले के जाएंगे ,दिखाएंगे, और घर वापस ले के आएंगे ....फ़िर अगले हाट ...
अजय कुमार झा
anil ji, aapke vichar se aapki lekh se ek nayi jankari mili .
dhnyavaad
poonam
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